तुलसी के फायदे | Tulasee ke phaayade

भारत के लगभग हर घर में आपको तुलसी का पौधा नजर आ जाएगा। तुलसी को ‘हर्ब क्वीन’ यानि कि ‘औषधियों की रानी’ कहा जाता है। भारत जैसे देश में तो तुलसी को साक्षात ईश्वर का दर्जा दिया गया है। हम अक्सर अपने बड़े- बुजुर्गों से तुलसी के पत्तों के गुणों के बारे में सुनते आए हैं। लेकिन हम इनके गुणों के बारे में जानते हुए भी इसका उपयोग कम ही करते हैं। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि तुलसी के पत्तों और फूलों में कई तरह के रासायनिक तत्व पाए जाते हैं जो अनेक बीमारियों को रोकने व उसे जड़ से खत्म करने तक की ताकत रखते हैं। इसी वजह से कई बीमारियों की दवा में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। तुलसी शरीर के लिए अंदरूनी व बाहरी दोनों ही रूपों के लिए फायदेमंद है। इसकी खास बात ये है कि यह व्यक्ति की तासीर के अनुसार काम करती है। तुलसी में अनेकानेक गुण होने के कारण तुलसी के पत्ते ही नहीं बल्कि इसकी टहनी, फूल, बीज आदि सभी भागों को आयुर्वेद और नैचुरोपैथी में भी इलाज के लिए प्रयोग में लाया जाता है। कैंसर जैसा रोग हो या सर्दी जुकाम, तुलसी का इस्तेमाल सदियों से होता चला आ रहा है।

बेसिल लीव मानसिक तनाव को कम कर सकती है। इसमें एंटी-स्ट्रेस गुण पाया जाता है। तुलसी इम्यून सिस्टम को बेहतर कर सकती है, जिससे काफी हद तक तनाव से राहत मिल सकती है। साथ ही तुलसी शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को संतुलित करने में मदद करती है। कोर्टिसोल एक प्रकार का स्ट्रेस हार्मोन होता है। अगर इसका स्तर कम होता है, तो तनाव व थकान में कमी आती है।बेसिल लीव ऊर्जा बढ़ाने में भी मदद करती हैं और आपके काम पर फोकस को बेहतर करती है। अगर इन दो मामलों में आप बेहतर होते हैं, तो न सिर्फ तनाव कम होगा, बल्कि काम पर भी अच्छी तरह से ध्यान दे पाएंगे। एक ऑस्ट्रेलियन अध्ययन के अनुसार भी तुलसी मानसिक तनाव को दूर कर सकती है। साथ ही यह विभिन्न प्रकार के केमिकल के दुष्प्रभाव से भी शरीर के अंगों को सुरक्षित रखती है। भारत में हुए रिसर्च में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो आपको तनाव से बचा सकते हैं

किसी भी तरह के स्किन इंफेक्शन को रोकने के लिए तुलसी से बेहतर कोई भी औषधि नहीं है। दरअसल, तुलसी की पत्तियां बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती हैं। तुलसी में एंटी- बायोटिक गुण भी मौजूद होते हैं, जो इंफेक्शन के इलाज में मदद करते हैं। अगर आपको किसी तरह का स्किन इंफेक्शन है तो बेसन के साथ तुलसी के पत्तों का पेस्ट बना कर स्किन पर लगाएं

तनाव में होने पर कुछ लोगों की भूख बढ़ जाती है और वो जरूरत से ज्यादा खाते हैं। इससे वजन बढ़ने लगता है। तुलसी के सेवन से तनाव पैदा करने वाले कोर्टिसोल का स्तर कम होता है। इस लिहाज से हम कह सकते हैं कि वजन घटाने के लिए तुलसी का प्रयोग किया जा सकता है।तुलसी सर्दी- जुखाम के लिए तो रामबाण का काम करती है। मौसम में बदलाव होने कारण ज्यादातर लोगों की तबियत खराब हो जाती है। दवा लेने से बुखार तो कम हो जाता है लेकिन खांसी और कफ लंबे समय तक बना रहता है। ऐसे में तुलसी के घरेलु नुस्खे अपनाने से तुरंत आराम मिलता है।

मुंह को साफ करने के काम भी आ सकती है। यह मुंह से आने वाली बदबू, पायरिया, मसूड़ों से जुड़ी बीमारियों को ठीक करने में मदद करती है। ऐसा तुलसी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण है। एक अध्ययन के अनुसार, तुलसी में एंटीमाइक्रोबियल गुण भी होते हैं। इन गुणों के कारण ही तुलसी को मुंह से संबंधित बीमारियों में इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही इसके प्रयोग से कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है। मुंह के स्वास्थ्य के लिए तुलसी का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है।

तुलसी किडनी को सुचारु रूप से चलने में मदद करती है। इसके सेवन से पेशाब भी खुलकर आता है जिससे किडनी को साफ करने में भी मदद मिलती है। अगर किडनी में स्टोन है तो तुलसी के ताजा रस को शहद में मिलाकर रोजाना 4 से 5 महीने तक सेवन करें। इससे पेशाब के रास्ते से किडनी का स्टोन भी निकल जायेगी।तुलसी हमारे शरीर के लिए एक रक्षा कवच की तरह काम करता है। ताजा तुलसी के पत्तों को सुबह रोजाना निगलने से शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है। इसमें ऐसे कई गुण पाये जाते हैं जो शरीर में इंफेक्शन से लड़ने वाली एंटीबॉडी के उत्पादन में कई प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करते हैं, जिससे हम जल्दी बीमार नहीं पड़ते।

तुलसी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, इसलिए यह शरीर व जोड़ों में आई सूजन को कम करने में कारगर साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार तुलसी में कई गुणकारी तत्व होते हैं, जो सूजन को कम कर सकते हैं। इनमें से मुख्य तत्व अर्सोलिक एसिड है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी की तरह काम करता है। यह कोर्टिसोल के कारण पैदा होने वाले हानिकारक एंजाइम को खत्म करने का काम करता है। तुलसी एनाल्जेसिक के रूप में भी काम करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *