सर्दी-खांसी और जुकाम के घरेलू उपाय | Sardee-khaansee aur jukaam ke ghareloo upaay

खांसी-जुकाम हर बदलते मौसम के साथ आने वाली समस्या है।खांसी बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन, ऐलर्जी, साइनस इन्फेक्शन या ठंड के कारण हो सकती है लेकिन हमारे देश में हर परेशानी के लिए लोग डॉक्टरों के पास नहीं जाते। हमारी ही किचन में कई ऐसे घरेलु नुस्खे छिपे होते हैं जिनसे खांसी-जुकाम जैसी छोटी-मोटी बीमारियां फुर्र हो जाती हैं।खांसी जितनी कॉमन समस्या है, उतने ही सरल है इसके इलाज। बस शर्त यह है कि आपको घर में रखी चीजों की सही-सही जानकारी होनी चाहिए। ताकि कोई भी घरेलू नुस्खा आप पर उल्टा ना पड़ जाए।

बचपन में सर्दियों में नानी-दादी घर के बच्चों को सर्दी के मौसम में रोज हल्दी वाला दूध पीने के लिए देती थी। हल्दी वाला दूध जुकाम में काफी फायदेमंद होता है क्योंकि हल्दी में एंटीआॅक्सीडेंट्स होते हैं जो कीटाणुओं से हमारी रक्षा करते हैं। रात को सोने से पहले इसे पीने से तेजी से आराम पहुचता है. हल्दी में एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल प्रॉपर्टीज मौजूद रहती है जो की इन्फेक्शन से लडती है. इसकी एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज सर्दी, खांसी और जुकाम के लक्षणों में आराम पहुंचाती है.

शहद के साथ गर्म चाय बलगम को ढीला करने, गले को शांत करने और जलन को कम करने में मदद कर सकती है। कैफीन रहित चाय जैसे हर्बल चाय में दो चम्मच शहद मिलाएं। इस चाय को सोने से पहले पिएं। लेकिन खास बात ध्यान रखें कि एक साल से छोटे बच्चों को शहद न दें।

आंवला खांसी के लिए काफी असरकारी माना जाता है. आंवला में विटामिन-सी होता है, जो ब्लड सरकुलेश को बेहतर बनाता है. अपने खाने में आंवला शामिल कर आप एंटी-ऑक्सीडेंट्स का सोर्स बढ़ा सकते हैं. यह आपकी इम्यूनिटी को मजबूत करेगा.

आंवला में प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है जो खून के संचार को बेहतर करता है और इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं जो आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करता है। अदरक के रस में तुलसी मिलाएं और इसका सेवन करें। इसमें शहद भी मिलाया जा सकता है। अलसी के बीजों को मोटा होने तक उबालें और उसमें नीबू का रस और शहद भी मिलाएं और इसका सेवन करें। जुकाम और खांसी से आराम मिलेगा।

खांसी आमतौर पर दो तरह की होती हैं। एक सूखी खांसी और दूसरी गीली खांसी। सूखी खांसी में धसका-सा लगता है और गले में अधिक दिक्कत होती है साथ ही आवाज भी अधिक होती है। जबकि गीली खांसी में खांसी के साथ कफ निकलने की समस्या भी होती है और आमतौर पर पसलियों में दर्द होता है।धूम्रपान करने से गंभीर खांसी हो सकती है। धूम्रपान नहीं करने से रात भर समस्या नहीं रहेगी, यह धीरे-धीरे खांसी को कम करने में मदद करेगा। जब धूम्रपान बंद करेंगे, तो न केवल खांसी में सुधार होगा, बल्कि समग्र स्वास्थ्य में भी सुधार होगा।

सूखी हवा आपके गले और वायुमार्ग को परेशान कर सकती है और खांसी को बदतर बना सकती है। हवा में नमी लाने के लिए रात में ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें। यह गले को शांत करने और खांसी को रोकने में मदद कर सकता है।अगर आपको गीली खांसी है यानी ऐसी खांसी जिसमें खांसते वक्त कफ भी निकल रहा हो तो इस खांसी के इलाज के लिए आपको हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए। क्योंकि दूध से कफ बढ़ने की समस्या हो सकती है।

अगर आपको सूखी खांसी है तो आपको इससे मुक्ति पाने के लिए हल्दी मिला दूध पीना चाहिए। यह आपकी खांसी को शीघ्र ठीक करने का काम करेगा। साथ ही खांसी के कारण होने वाली वीकनेस और मसल्स पेन में राहत देता है।

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