सोयाबीन के सेवन के फायदे | soyaabeen ke sevan ke phaayade

सोयाबीन का उपयोग खाने और तेल निकालने के लिए किया जाता है।सोयाबीन एक तरह का दलहन है, यह पोषक तत्वों का खजाना है, जिसके सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है। शाकाहारी लोगों को इसका सेवन जरूर करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसमें मांस जितने पोषक तत्व मौजूद होते हैं। सोयाबीन में प्रोटीन और आइसोफ्लेवोंस पाए जाते हैं, जो हड्डियों को कमजोर होने से रोकते हैं, जिससे जल्दी फ्रैक्चर होने का खतरा नहीं होता।

इनके सेवन से शारीरिक और मानसिक स्थिति को सुधार करने में सहायता मिलती है। सोयाबीन के सेवन से मधुमेह की बीमारी को नियंत्रण में लाया जा सकता है। इसमें पाए जाने वाले प्रोटीन ग्लूकोज को नियंत्रित करते हैं और इंसुलिन में आने वाली बाधा को कम कर सकते हैं। साथ ही सोयाबीन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होने के कारण इससे बने उत्पादों का सेवन मधुमेह के मरीज के लिए उचित माना गया है

यदि आप जिम करते है या अन्य किसी तरह की व्यायाम करते है तो आपको सोयाबीन का सेवन करना चाहिए। सोयाबीन खाने से हड्डियां मजबूत होती है। यह एस्ट्रोजन हार्मोन और हड्डियों के सुरक्षा में भी सहायक होता है। सोयाबीन में फाइटोएस्ट्रोजेन्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों को कमजोर होने से बचा सकते हैं

सोयाबीन खाने से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो सूजन और हृदय रोग को रोकने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। सोयाबीन का सेवन करने से रक्त संचार को प्रभावित करने वाले कण को कम किया जा सकता है।सोयाबीन के सेवन से हृदय संबंधी रोग से दूर रहा जा सकता है

सोयाबीन का सेवन कोलेस्ट्रॉल के लिए भी फायदेमंद है। सोयाबीन के बीज में पाए जाने वाले आइसोफ्लेवोंस आपके कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का काम करते हैं। सोयाबीन के सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा तो कम होती है, सोयाबीन के सेवन से कैंसर जैसी बड़ी बीमारी से भी बचाव है। जैसा कि आप जान ही चुके हैं कि सोयाबीन में आइसोफ्लेवोंस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। साथ ही सोयाबीन को पाइथोकेमिकल्स के समूह का भी मुख्य स्रोत माना गया है। ये दोनों तत्व एंटीकैंसर के रूप में अपना असर दिखाते हैं। सोयाबीन के सेवन से स्तन और गर्भाशय से संबंधित कैंसर को रोकने में मदद मिलती है।