सरसो का तेल फायदे ।Sarso ke tel ke Fayde

जैसा की आप सभी जानते है की सरसो का तेल प्राचीनकाल से ही रसोई घर में खाना बनाने के काम में लिया जाता है लकिन सरसो के तेल का इस्तेमाल आयुर्वेद में भी किया जाता है सरसों का तेल अपनी तासीर और गुणों के कारण कई तरह की समस्याओं में औषधि‍ के रूप में भी उपयोग किया जाता है। अगर आप अब तक इसके स्वास्थ्यवर्धक गुणों से अनजान हैं तो आज में आपको सरसो के तेल के फायदे बताता हूँ।

जैसे की आप जानते है की सरसों के तेल को बहुत पौष्टिक माना जाता है, इसलिए इसका प्रयोग खाना बनाने के लिए भी किया जाता है। इसकी तासीर गर्म होने से सर्दियों में यह अत्यंत लाभकारी माना जाता है। सरसों के तेल की मालिश करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचार भी बेहतर होता है। यह शरीर में गर्माहट पैदा करने में भी मददगार होता है।

कई जगह पाया गया है की सरसों का तेल ऐंटिऑक्सीडेंट्स की तरह काम करता है। साथ ही अगर बॉडी पर अगर डेली बेसिस पर सरसों तेल से मालिश की जाए तो यह फंगल इंफेक्शन, जलन और खुजली जैसी एलर्जी को पनपने नहीं देता है।

आज भी प्राचीनकाल की रीती रिवाजो में भी बेसन और हल्दी के साथ सरसों तेल मिलाकर उबटन तैयार करके लगाया जाए तो यह त्वचा की सुंदरता को बढ़ाने का काम करता है। यही कारण है कि भारतीय समाज में शादी के वक्त होने वाली दुल्हन और दूल्हे को सरसों तेल का उबटन लगाया जाता है।

सरसो का तेल दांतों की तकलीफ में सरसों के तेल में नमक मिलाकर रगड़ने से फायदा होता है, साथ ही दांत पहले से अधिक मजबूत हो जाते हैं। यह बालों की जड़ों को पोषण देकर रक्तसंचार बढ़ाता है जिससे बालों का झड़ना बंद हो जाता है। इसमें ओलिक एसिड और लीनोलिक एसिड पाया जाता है, जो बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए अच्छे होते हैं।

सरलों का तेल वर्षों से जोड़ों और मांसपेशियों में होने वाले दर्द के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। नियमित रूप से इस तेल की मालिश करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बना रहता है और जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द की समस्या नहीं रहती।गठिया से होने वाले दर्द के लिए यह तेल फायदेमंद है। सरसों के तेल में बड़ी मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो जोड़ों और गठिया के दर्द के लिए एक कारगर एंटीइंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में काम करता है ।