मूली खाने की फायदे | Mulee khane ke Fayade

मूली सेहत के लाभकारी गुणों से भरपूर होती है। यह खासतौर पर सर्दियों की सब्जी है। जिसे सलाद, सब्जी और पराठा फिलर के रूप में खाया जाता है।अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि मूली खाने में टेस्टी तो लगती है लेकिन इसे खाने के बाद पूरा दिन खराब हो जाता है…क्योंकि पेट में लगातार बनती गैस हर समय असहज करती रहती है। अगर आपको पता होगा कि मूली खाने का सही तरीका क्या है

आपके सलाद में शामिल मूली प्रोटीन, विटामिन-ए, विटामिन-बी, सी, आयरन, आयोडीन, कैल्श‍ियम, गंधक, सोडियम, मैग्नीशि‍यम, फास्फोरस, क्लोरीन से भरपूर है और यह सभी पोषक तत्व मिलकर आपकी सेहत को बेहतर बनाते हैं साथ ही बीमा‍रियों से बचाते हैं।

मूली आयरन का बहुत अच्छा स्रोत है। इसे खाने के तुरंत बाद सोना नहीं चाहिए क्योंकि इसके डायजेशन के लिए बॉडी को अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है। इस कारण रात में इसका पाचन ठीक से नहीं हो पाता है। इसलिए कई बार यह पेट दर्द की वजह बन सकती है। बेहतर रिजल्ट के लिए मूली को हमेशा दिन के वक्त खाना चाहिए।

आंखों की कई तरह की बीमारियों में मूली के इस्तेमाल से लाभ मिलता है।मूली के रस को काजल की तरह आंखों में लगाएं।इससे आंखों की बीमारी ठीक होती है। सूखी मूली से बने जूस का सेवन करने से भी सांसों के रोग में लाभ होता है।

गुर्दे संबंधी परेशानियों के लिए मूली का रस और मूली दोनों ही रामबाण उपाय है। मूली के रस में सेंधा नमक मिलाकर नियमित रूप से पीने पर गुर्दे साथ होते हैं और गुर्दे की पथरी भी समाप्त हो जाती है।जिस रोगी को पेशाब रुक-रुक कर आता है उसे मूली का सेवन करना चाहिए।रुक कर पेशाब आने की बीमारी में लाभ होता है।

डायबिटीज जैसी घातक बीमारी के लिए भी मूली खाने के फायदे देखे जा सकते हैं।मूली एंटी डायबिटिक के रूप में काम करती है।ऐसा इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एनर्जी मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने, ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने, ग्लूकोज को नियंत्रित करने और आंत में ग्लूकोज अवशोषण को कम करने की क्षमता का होना है।जैसा कि हमने ऊपर बताया कि मूली विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है और विटामिन-सी मधुमेह के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।एक रिपोर्ट के अनुसार, विटामिन-सी इंसुलिन की बाधा पर प्रभावी रूप से काम कर सकता है।

दांतों की समस्या या पीलापन खत्म करना हो तो मूली के छोटे-छोटे टुकड़ों में नींबू का रस डालकर दांतों पर रगड़ें या कुछ देर तक चबाते रहें और थूक दें।इस तरह से दांतों का पीलापन कम होगा।मूली के रस का कुल्ला करने पर भी दांत मजबूत होंगे।प्रतिदिन खाने के साथ मूली का प्रयोग करने से लिवर और किडनी स्वस्थ रहते हैं और मजबूत होते हैं।कब्ज या बवासीर की परेशानी में भी मूली बेहद कारगर उपाय है।पेट संबंधी हर समस्या का हल मूली के पास है।