केसर के फायदे | kesar ke phaayade

केसर के फायदे खूबसूरती और त्वचा की रंगत निखारने में भी बेहद उपयोगी हैं। इसलिए आज हम आपको दुनिया के सबसे मंहगे मसालों में से एक केसर के पौषक तत्व, केसर का सेवन करना, केसर के फायदे और केसर के नुकसान बता रहे हैं।

दूध में केसर डालकर पीना काफी अच्छा होता है, खासतौर से गर्भवती महिलाओं के लिए। क्योंकि केसर सौंदर्य निखारने में सहयोगी है, इसलिए सुंदर एवं गोरे बच्चे को पाने के लिए गर्भवती महिलाएं अपने आहार में केसर को शामिल करने की कोशिश करती हैं। सोने-चांदी के भाव पर मिलने वाला केसर इस्तेमाल करना हर किसी के बस की बात भी नहीं है। दरअसल अधिकांश लोग जो केसर इस्तेमाल करते हैं वह असली एवं शुद्ध भी नहीं होता, क्योंकि शुद्ध केसर की कीमत तो आसमान को छूती है।

केसर छोटे बच्चों के सर्दी-जुकाम में रामबाण का काम करती हैं। इसके लिए बच्चे को दूध में मिलाकर केसर दें। साथ ही सीने पर हल्की सी केसर रगड़ने से लाभ होता है। केसर में पाए जाने वाले क्रोसेटिन मस्तिष्क में ऑक्सीजेनेशन को बढ़ाता है जिससे अर्थराइटिस के इलाज में काफी आसानी होती है केसर की एक विशेष किस्म गठिया या वात रोग में राहत प्रदान करती है।

केसर में एंटी इंफ्लैमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। जो पेप्टिक अल्सर और अल्सरेटिव कोलाइटिस को दूर करके हमारे शरीर के पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। जिससे पाचन संबंधी बीमारियों में लाभ मिलता है।केसर गर्भवती महिलाओं के लिए संजीवनी का काम करती है। इसके सीमित सेवन से हाथ-पैरों की ऐंठन, गैस और सूजन कम करने में मदद करता है। इसके अलावा अवसाद और चिंता दूर करता है।

कैंसर जैसी घातक बीमारी के विरूद्ध केसर के फायदे देखे गए हैं। वैज्ञानिक शोध के अनुसार केसर में मौजूद क्रोसिन, कोलोरेक्टल कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोक सकता है। इसके अलावा यह प्रोस्टेट कैंसर और स्किन कैंसर पर भी सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकता है।

केसर के फायदे में आंखों की रोशनी में सुधार होना भी शामिल है। केसर एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है, जो एएमडी पर प्रभावी असर दिखा सकता है। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण रेटिना स्ट्रेस से छुटकारा दिलाने का काम भी कर सकते हैं । परीक्षण में देखा गया कि केसर की गोलियां लेने के बाद मरीजों की दृष्टि में सुधार हुआ। शोध में यह भी पता चलता है कि रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा जैसे अनुवांशिक नेत्र रोग के इलाज में भी केसर सक्षम है, जो युवाओ में स्थायी अंधापन का कारण बनता है।

केसर के नुकसान

केसर के रोजाना सेवन करने या अधिक मात्रा में सेवन करने से पीलिया और फूड प्वॉयजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि केसर की तासीर गर्म होती है। ज्यादा सेवन करने से शरीर के तापमान में तेजी से वृद्धि होती है। जिससे पाचन तंत्र का खराब हो जाता है। इसके अलावा केसर का अधिक उपयोग करना लीवर, किडनी और बोन मैरो की बीमारी से जूझ रहे बुजुर्ग मरीजों तथा गर्भवती महिला के लिए घातक हो सकता है।