काली मिर्च खाने फायदे | kaalee mirch khaane phaayade

आपकी रसोई में हमेशा मौजूद रहने वाली काली मिर्च सिर्फ मसालों को हिस्सा नहीं है, इसके औषधीय गुण भी हैं।सुबह गर्म पानी के साथ काली मिर्च का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इससे शरीर स्वस्थ बना रहता है। यह शरीर में बाहरी संक्रमण को पहुंचने से रोकती है और कफ, पित्त और वायु पर नियंत्रण करती है।

काली मिर्च एक सुपरफूड है, जो दिल को स्वस्थ रखने के साथ अन्य बीमारियों का खतमा भी करती है। दरअसल, इसमें विटामिन-सी और कैरोटीनॉयड भरपूर मात्रा में होता है, जो धमनियों को संकरी होने से रोकता है और आप दिल की बीमारियों से बचे रहते हैं। इतना ही नहीं, इसका सेवन वजन कंट्रोल करने में मदद करता है।

काली मिर्च पाचन रस और एंजाइम को उत्तेजित करती है, जिससे पाचन शक्ति में सुधार आता है। जब आप खाने के साथ काली मिर्च का सेवन करते हैं, तो इसका असर पाचन शक्ति पर ज्यादा पड़ता है। एक रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि काली मिर्च पेनक्रिएटिक एंजाइम पर सकारात्मक असर डालती है, जिससे पूरी पाचन प्रक्रिया बेहतर तरीके से काम करती है काली मिर्च औष‍धीय गुणों से युक्‍त एक मसाला है। पिपरीन नामक तत्‍व के कारण इसका स्‍वाद सबसे अनोखा है। काली मिर्च में आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए और विटामिन सी, और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

कंप्यूटर या लैपटॉप के आगे बैठने से आंखें खराब हो गई हैं तो काली मिर्च आपके लिए कारगर नुस्खा साबित होगा। काली मिर्च को शुद्ध घी में मिलाकर खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इतना ही नहीं, इसका सेवन आंखों की बीमारियों को भी दूर रखता है।अगर आपको बहुत ज्यादा खांसी हो रही हैं तो 2 काली मिर्च, मुलेठी का टुकड़ा और मिश्री मिलाकर खाली पेट या भोजन के बाद चूसें। इससे आपको खांसी से आराम मिलेगा।

काली मिर्च का सेवन आपके मुंह के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। इसमें मौजूद पिपेरिन के एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में संक्रमण से बचाते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो मसूड़ों की सूजन से राहत दिलाते हैं। अगर आपको मसूड़ों में सूजन है, तो काली मिर्च के पाउडर में थोड़ा-सा नमक व पानी मिलाएं और इस पेस्ट से धीरे-धीरे मसूड़ों की मालिश करें। इसके अलावा, अगर आपको दांतों में दर्द है, तो लौंग के तेल में काली मिर्च पाउडर मिलाकर दांतों की मालिश करने से राहत मिलेगी।

अगर आपको अक्सर एसिडिटी की शिकायत रहती है तो काली मिर्च पाउडर में प्याज व नींबू का रस मिलाकर खाएं। इससे आपको एसिडिटी से तुरंत राहत मिलेगी।सर्दियों में जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द की समस्या अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में इस दर्द को दूर करने के लिए आप रोज सुबह गुनगुने पानी के साथ 10-12 काली मिर्च का सेवन करें। इससे आप देखेंगे कि कितनी जल्दी आपको फर्क महसूस होता है।

काली मिर्च तनाव और डिप्रेशन में भी फायदेमंद साबित हो सकती है। काली मिर्च में पिपेरिन होता है, जो सेरोटोनिन के उत्पादन को बढ़ावा देता है। सेरोटोनिन तनाव और अवसाद को कम करने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा, यह मस्तिष्क में बीटा-एंडोर्फिन को भी बढ़ाता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक और मूड ठीक करने का काम करता है।