वजन बढ़ाने के घरेलू उपाय | weight badhane ke upay

आपको बता दे की जिस तरह मोटापा और बढ़ा हुआ वजन बड़ी समस्या है उसी तरह कई लोगों को कम वजन की समस्या का सामना करना पड़ता है।क्युकी कम वजन होने की वजह से लोग तो उनका मजाक उड़ाते ही हैं, इसके अलावा वो कुपोषण के मरीज भी लगते हैं।तो आज हम आपके बीच लेके आये है की किस प्रकार घरेलु नुस्को के हिसाब से अपना वजन बढ़ा सकते है।

(1) अच्छी और पूरी गहरी नींद लें

यह तो आप सभी को पता होगा की जिस तरह हमारे जीवन के लिए भोजन और पानी आवश्यक है ठीक उसी तरह भरपूर नींद लेना भी हमारे लिए बहुत आवश्यक है व्यक्ति को हर रोज कम से कम 8 घंटे की गहरी नींद लेनी चाहिए।अच्छी नींद लेने से हमारे शरीर में नयी कोशिकाएं बनती है और पुरानी कोशिकाएं नए कोशिकाओ में तब्दील होती है अच्छी नींद लेने के लिए रात को खाना खाने के बाद तुरंत सो जाये और सुबह जल्दी उठ जाये।इसलिए गहरी नींद लेना शुरू कर दे.इससे आपके शरीर में परिवर्तन नजर आने लग जायेंगे।

(2) घी और चीनी का सेवन

यदि आप वजन बढ़ाने के बारे में सोच रहे है तो आप घी और चीनी खाना शुरू कर दे।यह एक प्राकृतिक उपाय है, जिसका इस्तेमाल सेहत बनाने के लिए सदियों से किया जा रहा है।तो आप एक चम्मच घी में एक चम्मच चीनी अच्छी तरह मिलाएं।उसके बाद भोजन से आधे घंटे पहले इस मिश्रण को खा ले। फिर एक महीने तक रोजाना यह प्रक्रिया दोहराएं।आपका वजन बढ़ने लग जायेगा।क्युकी शरीर का वजन बढ़ाने के लिए कैलोरी और फैट एक अहम भूमिका निभाते हैं।घी इन दोनों पोषक तत्वों से समृद्ध होता है जो वजन बढ़ाने में आपकी मदद करेगा। और आपका एक महीने में वजन बढ़ने लग जायेगा।

(3) किशमिश

किशमिश भी वजन बढ़ने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है आप रात को 8 -10 किशमिश को पानी में भिगो दें और सुबह उठने के बाद उसको खाएं एक महीने में फर्क नजर आने लगेगा. साथ ही किशमिश फैट को हेल्दी कैलोरी में बदलने का काम करता है. इसी लिए सभी को किशमिस का सेवन करना चाहिए।

(4) आलू का सेवन

आपको बता दे की आलू को अपने नियमित डाइट में शामिल करें।क्युकी आलू में कार्बोहाइड्रेट्स और कॉम्प्लेक्स शुगर होता है जो वजन बढ़ाने में मदद करता है। इसके लिए आप आलू किसी भी तरीके से खा सकते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखे कि वो ज्यादा तला-भुना ना हो।

(5) पानी ज्यादा से ज्यादा पीये

जैसा की यह तो सभी जानते है की पानी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है. इसलिए रोजाना 2 लीटर से अधिक पानी पीना चाहिए।इससे शरीर में मौजूद जहरीले पदार्थ बाहर निकल जाते है और भोजन का पाचन भी अच्छी तरह से होता है।पानी हमारे शरीर में फुर्ती बनाये रखता है जिस कारण काम या एक्‍सरसाइज करते समय कमजोरी महसूस नहीं होती है इस लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिए।

वजन कम कैसे करे | How to lose weight (wajan kam kaise kare)

जैसा आप जानते हो वजन कम करना आसान नहीं है लेकिन अगर आप सही तरीके से योजना बनाकर उस पर काम किया जाए तो उतना भी मुश्किल नहीं है।फिर चाहे आप कितनी भी एक्सरसाइज कर लें, जिम में वर्कआउट कर खूब पसीना बहाते हैं लेकिन अगर खाना-पीना सही नहीं किया तो यह सब व्यर्थ है।

(1) ग्रीन टी

यदि आपको वजन कम करना है तो आप ग्रीन टी पीना शुरू कर दें वजन घटाने के टारगेट को पूरा करने के लिए ग्रीन टी काफी फायदेमंद हो सकती है यह मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है रात को सोने से पहले ग्रीन टी पीने से आप अपने टारगेट को जल्दी पा सकते हैं

(2) नाश्ता जरूर करे

आपको बता दे नाश्ता पूरे दिन का सबसे महत्वपूर्ण आहार होता है।और नाश्ता करने के मामले में लापरवाही बरतने पर मधुमेह, मूड स्विंग और मोटापे की बीमारी हो सकती है। सुबह का नाश्ता हमारे शरीर के मेटाबॉलिज़्म प्रक्रिया को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। जो व्यक्ति समय पर नाश्ता नहीं करता है उसकी भूख धीरे-धीरे बढ़ती चली जाती है।और ऐसे में ज़्यादा भूखा व्यक्ति ज़्यादा भोजन करने लगता है और अंत में वह मोटापे का शिकार हो जाता है।

(3) बादाम

जैसा की आप जानते है की वजन कम करने के लिए अपने डाइट प्लान में बादाम को शामिल करें क्युकी बादाम में जहां एक ओर ढेर सारे पोषक तत्व होते हैं साथ ही इसमें मौजूद प्रोटीन आपकी मसल्स को भी रिपेयर करता है।इसके अलावा ये फैट कम करने में भी बेहतरीन असर दिखाता है।इसके अलावा आप कच्चे बादाम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

(4) उबला हुआ आलू

आपको बता दे की अगर आप आलू को सही से यूज करते हो तो ये आपका वेट कम करने में हिस्सा बन सकते हैं।आलू में कई तरह के न्यूट्रीएंट्स पाए जाते हैं इनमे पोटैशियम भी काफी होता है जो ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल करने में काम आता है।इसे खाने के बाद आपको पेट भरा हुआ महसूस होता है और आप बाकि चीजें कम खाते हैं।याद रहे यहाँ बस उबले आलू कि बात की गयी है चिप्स आलू से बने होते हैं पर वे वेट लॉस चाहने वालों के सबसे बड़े दुश्मन होते हैं। इसलिए आप उबले हुये आलू ही खाये।

बुखार को कम करने के घरेलु उपाय | Home remedies to reduce fever(bukhar)

यह तो आप सभी जानते है की मौसम बदल रहा है और ऐसे में सर्दी-जुकाम और बुखार सबसे सामान्य समस्या बनकर सामने आती हैं। बुखार या फीवर तो एक ऐसी समस्या है जो आपको सरदर्द-बदनदर्द और भूख न लगने जैसी समस्याएं भी देकर जाता है।आजकल वायरल फीवर की समस्या भी खूब देखी जा रही है।आज हम आपको एक ऐसी अचूक दवा के बारे में बताने जा रहा है जो लगभग सभी तरह के बुखार को जल्दी ठीक कर देते है।

(1) बाजार की दवाईया

यदि आप बाजार की दवाईया लेते हैं तो आपको बता दें कि बाजार की दवाएं कुछ ही समय में बुखार को ठीक तो कर देती हैं लेकिन इन दवाइयों से शारीरिक कमजोरी आ जाती है। जिसे ठीक होने में समय लग जाता है। साथ ही इन दवाइयों से आपका इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है।

(2) सरसों के तेल की मालिश

आपको बता दे की बुखार में शरीर का तापमान कम करने में सरसों का तेल बहुत फायदेमंद होता है क्युकी सरसों तेल की तासीर गर्म होती है। आप दो चम्मच सरसों तेल को गर्म कर लें फिर उसमें लहसुन कि तीन-चार कली डाल दें तेल गर्म होने के बाद उसे नीचे उतार लें. फिर तेल को शरीर और हाथों व पैरों के तलवे में मालिश करें. इससे आपके शरीर का दर्द कम होगा और आपके शरीर का तापमान भी कम कर देगा और आपको बुखार में आराम मिलेगा।

(3) कच्चा प्याज

आपको जानकर हैरानी होगी की कच्चा प्याज शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और शरीर के दर्द को भी कम करते हैं। कच्चे प्याज का एक टुकड़ा ताजा कटा हुआ होना चाहिए और फिर उस कटे हुए टुकड़े को पैरों के नीचे रखें।अब पैरों को कंबल से अच्छी तरह से ढक लें। यह तापमान को संतुलित करके बुखार को काफी स्तर तक कम कर देगा। यह बुखार के लिए सबसे पुराना भारतीय घरेलू उपचारों में से एक है ऐसा करने से बुखार में आराम जुरूर मिलता है।

(4) पानी में भिगोई हुई पट्टियां

पानी में भिगोई हुई पट्टियां यह सबसे जल्द काम करता है यदि आपको बुखार काफी तेज हो और काम होने का नाम नहीं ले रही हो तो ठंडे पानी में भिगोई हुई पट्टियां माथे पर रखें। इससे आपकी बुखार काफी तेजी से गिरता है। यह प्राचीन काल से ही बुखार का रामबाण इलाज रहा है।

सूजन कम करने के घरेलू उपाय | Home Remedies For Swelling Problem(Sujan)

यह बात आपको बता दे की शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन हो सकती है और यह किसी न किसी समस्या का सूचक हो सकता है। इसलिए आप शरीर की गतिविधियों पर नजर रखें और सूजन का कारण जानने की कोशिश करें।और कई बार सूजन के साथ बुखार या प्यास लगने जैसी चीजें भी होती हैं सूजन कोई बीमारी नहीं होती लेकिन ये बीमारी की ओर इशारा जरूर करती है।हमारे शरीर के अलग-अलग अंगों में सूजन, अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं को दर्शाती है।जैसे चेहरे व हाथ पैरों पर सूजन गुर्दे की बीमारी के कारण हो सकती है। जांघों व हाथों पर सूजन दिल की समस्याओं को दर्शाती है वहीं पेट की सूजन लीवर संबंधी समस्या हो सकती है।आम तौर पर महिलाओं को मासिक धर्म के कारण भी शरीर पर सूजन हो सकती है जो समय के अनुसार अपने आप कम हो जाती है।आइये इसको कम करने के घरेलू उपाय बताते है।

(1)धनिए के बीज

आपको बता दे की धनिया खाने के साथ-साथ हमारे शरीर के लिए भी बहुत लाभदायक है। जैसे की धनिया एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है जिसमे की एंटी माइक्रोबियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है। पैर में सूजन के उपचार के लिए यह एक कारगर विकल्प होता है आप धनिये को गरम पानी में गरम कर ले और इतना गर्म करे की एक गिलास पानी का आधा गिलास हो जाये अब इससे गरम होने के बाद उसको छान कर रख दे और जब यह ठंडा हो जाये तो इसका थोड़ा थोड़ा सेवन करे। आपको सूजन में आराम मिलेगा।

(2) दूध कम करे सूजन को

यह बात तो सब ही जानते है की बड़े हो या छोटे दूध सबको पीना चाहिए।दूध सूजन कम करने में भी लाभदायक है आप एक गिलास दूध ले और उसमे थोड़ी सी हल्दी मिला ले। उसके बाद उसमे थोड़ी सी पीसी हुई मिश्री मिला ले और इस दूध को पिए आपको आराम मिलेगा।और इसको लगातार 3 से 4 महीने पिए इससे आगे कभी आपको सूजन की शिकायत नहीं होगी।

(3) खजूर का सेवन

आप सुबह और शाम गन-गुने दूध में 2 या 3 खजूर को अच्छे से गरम कर के उसको पिए इसके सेवन करने से भी सूजन के लिए लाभकारी है। इसको आप 8 से 10 दिन करे आपको आराम मिलेगा।

(4) तेल की मालिश

यदि आपके शरीर पर सूजन आ रही है तो आप पाइन ,अदरक या फिर सरसो के तेल से मालिश करे। शरीर पर तेल की मालिश करने से रक्त का परिसरचरण में वर्दी होगी है और इस तेल मालिश से शरीर को गरमहाट मिलती है जिससे सूजन कम होने में मदद मिलती है।

कान की साफ-सफाई कैसे करे | How to clean your ears (Kaan)

जैसा की आप लोगो को पता है की कान भी हमारे शरीर का एक अंग है कान में मैल जमा होना कोई असामान्य बात नहीं है। और ये हम सभी के साथ होता है, और समय-समय पर इसकी सफाई करना भी बेहद जरूरी है।सही सफाई न होने पर आपको कान में दर्द, खुजली,बहरापन या जलन जैसी समस्याएं हो सकती है।

(1) बादाम का तेल

आपको बता दे की यदि आपको कान की खोंट साफ करना है तो कान में एक या दो बूंद बादाम का तेल डालकर सिर को उसी दिशा में मोड़कर रखें।और पांच मिनट तक इसी अवस्था में रहने से खोंट मुलायम हो जाएगी और आराम से बाहर निकल जाएगी.बादाम के तेल से खोंट निकालने का यह सबसे पुराना तरीका है.

(2) गरम पानी और नमक

आप थोड़ा गरम पानी ले और फिर उसमे थोड़ा सा नमक मिला दे। उसके बाद रूई की मदद से कान की अच्छे से सफाई करे और अंदर अछि तरह घुमा ले। इससे आपकी कान की गंदगी पूरी साफ़ हो जाएगी।

(3) सरसों के तेल

यदि आपके कान में दर्द हो रहा है और कान के खोंट साफ करना है तो आप सरसों के तेल में थोड़ा सा लहसुन डालकर तड़का लें।पर इसमें सरसों के तेल की गुणवत्ता उच्च होनी चाहिए.अब इस तेल को गुनगुना रहने पर रूई की सहायता से कान में डालकर थोड़ी देर ऐसे ही रहने दे। ऐसा करने से कान का मैल असानी से बाहर आ जाएगा।

(4) प्याज का रस

आप एक प्याज ले और उसको काट कर रख दे अब प्याज को भाप में पका ले।या फिर भूनकर इसका रस निकाल लें।अब इस प्याज के रस को रूई की सहायता से कुछ बूंद कान के अंदर डालें।और फिर थोड़ी देर ऐसे ही रहने दे इससे कान का मैल आसानी से बाहर आ जाएगा।

ध्यान रखे :

यह तो आप सभी जानते है की यदि कान में खुजली होती है तो लोग आमतौर पर कान में कुछ भी डाल लेते हैं जैसे कि हेयरपिन, माचिस की तीली, सेफ्टी पिन. ऐसा करना खतरनाक हो सकता है. और इससे आपके कान को हानि का सामना करना पड़ सकता है इस लिए ऐसी गलती कभी ना करे।

पाव की मोच कैसे ठीक करे | Pair ki moch kaise thik Kare

आपको बता दे की टखना पैर और पंजे को जोड़ने का काम करता है। टखने के भीतरी लिगामेंट्स बहुत मजबूत होते हैं जो कम ही परिस्थितियों में चोटिल होते हैं। बाहरी लिगामेंट्स तीन भाग में बंटे होते हैं। सामने, मध्य और पीछे।आमतौर पर मोच आने पर सामने और बीच वाले लिगामेंट्स ही चोटिल होते हैं। टखने के लिगामेंट्स के घायल होने की घटनाएं तब होती हैं, जब पंजा अंदर की ओर मुड़ जाता है। ऐसा असमान भूमि पर चलने से होता है। या फिर उचाई से गिर जाये और पूरा वजन पाव पर आ जाये।शरीर का पूरा वजन इन लिगामेंट्स पर पड़ने से वे चोटिल हो जाते हैं।सामान्य परिस्थितियों में छह से आठ सप्ताह का समय पूरी तरह मोच ठीक होने मे जाता है।कई लोगों में लंबे समय तक मोच बनी रहती है।

(1) हल्दी का लेप

आपको बता दे तो हल्दी में एंटी सेप्टिक गुण पायें जाते हैं जो की पैर की मोंच में आराम देते हैं | दो चम्‍मच हल्‍दी में थोड़ा सा पानी मिला कर पेस्‍ट बना ले। फिर हल्‍का गरम करें और मोच पर लगाएं। और सुकने दे फिर दो घंटे के बाद पैरों को गरम पानी से धो लें।ऐसा करने से आपको पैर की मोच में आराम मिलेगा |

(2) बर्फ का सेक

यदि आपके पाव में मोच आ गयी है तो मोच लगने के तुरंत बाद ही उस जगह पर बर्फ लगा ले।और उस जगह पर सेकाई की जाए तो उस जगह पर सूजन नहीं आती। दर्द को दूर करने के लिये हर एक-दो घंटे में बीस मिनट की बर्फ से सिकाई करनी चाहिये। बर्फ को हमेशा किसी कपड़े में लपेट कर लगाना चाहिये।इससे आपको तुरन्त आराम मिलेगा।

(3) शहद और चूने का मिश्रण

आपको बता दे की चूने में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता हैं जो की हड्डियों के लिए असर कारक होता हैं इसीलिए सामान्यत दर्द में और चोट लगने पे इस्तेमाल किया जाता हैं।आप मोच वाले स्‍थान पर शहद और चूना मिला कर हल्‍की मालिश करें।इससे आपको आराम मिलेगा।

(4) गर्म पानी का सेक

यदि आपके पाव में मोच लग गयी है और दर्द ज्यादा हो रहा हैं जिसके लिए गर्म पानी की सेंक भी फायदेमंद होती हैं।आप हल्का गुनगुना पानी लीजिए और धीरे धीरे मोच वाली जगह में लगाये जिससे आपको अच्छा भी लगेगा और दर्द में आराम मिलेगा।

शिमला मिर्च के गुणकारी फायदे | Benefits of Capsicum (Bell Pepper, Shimla Mirch)

आपको बता दे की जिस शिमला मिर्च के नाम से लोगो के मुँह बन जाते है आज उसी शिमला मिर्च के बहुत से फायदे आप लोगो के सामने लेके आया हूँ।ये बहुत सारे रंगो में बाजार में मिलती है। शिमला मिर्च के सेवन से आप खुद को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रख सकते हैं क्योंकि यह सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी है।

(1) अस्थमा में कैसे फायदेमंद है।

यह बात आपको लोगो को जानकर हैरानी होगी की शिमला मिर्च को कई पुराने सालों से अस्थमा और कैंसर जैसी बीमारियों को ठीक करने के लिये उपयोग में लिया जा रहा है। शिमला मिर्च में कुछ ऐसे विटामिन होते है जो इन बीमारियों से बचाता है इसमें विटामिन सी, विटामिन ए और बीटा कैरोटीन जैसे विटामिन पाए जाते है इसीलिए इन बीमारियों में यह फायदेमंद होती है।

(2) आयरन की कमी कैसे दूर करता है

आप जानते है की शिमला मिर्च में विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है और विटामिन सी आयरन के अवशोषण के लिए बहुत आवश्यक है।और इसमें विटामिन सी होता है जो आयरन की कमी को दूर करता है यदि आप में आयरन की कमी हो जाती है तो आप में एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है।और शिमला मिर्च का सेवन एनीमिया के खतरे को काम कर देता है।

(3) आंखों के लिए फायदे

यह आपकी आंखों के लिए बहुत फायदेमंद है।यह तो जब जानते है की बढ़ती उम्र में मोतियाबिंद जैसी बीमारी से सामना करना पड़ता है और मोतियाबिंद से बचने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है।आपको बता दे की शिमला मिर्च में ल्यूटिन और जेक्सैथीन नाम के तत्व पाए जाते हैं, जो मोतियाबिंद से बचा सकते हैं । शिमला मिर्च में विटामिन-ए भी मौजूद होता है, जो आंखों की रोशनी को सही बनाए रखते है और आँखों को
स्वस्थ बनाये रखने में मदद कर सकता है।

(4) इम्यूनिटी को बढ़ाये

शिमला मिर्च में विटमिन सी पाया जाता है और विटामिन सी के सेवन से इम्यूनिटी बेहतर होती है। यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है और साथ ही इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है।

शिमला मिर्च के नुकसान

(i) यदि कोई व्यक्ति रक्त विकार से जूझ रहा है तो उन लोगों को शिमला मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए।क्युकी यह रक्त बहाव का कारण बन सकता है।

सुखी खासी को ठीक करने के घरेलू उपाय | Sukhi Khansi Ke Gharelu Nuskhe

मौसम सर्दी का हो या गर्मी का कई बार लोगो को सुखी खासी के करना पड़ता है जो की बेहद खतरनाक होती है। क्युकी इसमें खांसते-खांसते पूरे पेट में और पसलियों में दर्द होने लगता है। खांसी वैसे तो जुकाम और फ्लू के साइड इफेक्ट से होती है, लेकिन कई लोग मौसम बदलने की वजह से ही इसके संपर्क में आ जाते हैं। अगर आप लंबे समय से सूखी खांसी से परेशान हैं, तो आज हम आप सभी के लिए कुछ घरेलू नुस्खे लेकर आये है जो जल्द ही आपको खांसी को खत्म करने में सहायक होंगे।

(1) शहद और अदरक

आज हम लेकर आये है शहद और अदरक किस प्रकार सुखी खासी को ठीक करते है यह तो आप सभी को पता है की हर भारतीय रसोई में शहद और अदरक मिल ही जाते हैं. शहद और अदरक में कई औषधिय गुण होते हैं. दोनों में ही हीलिंग प्रोपर्टी होती हैं और साथ ही साथ इम्यूनि‍टी बूस्ट करने में भी ये काफी मददगार हैं. आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर आशुतोष गौतम ने बताया है की अदरक में फलेगम होता है जो एंटीमाक्रोबायल गुणों से भरपूर है.
आप अदरक को पीस कर साफ़ कपडे में डाल ले।और उसके बाद एक कटोरी में इस रस को इकक्ठा कर के इसमें शहद मिला लें।अब इसे थोड़ी थोड़ी देर में पितें रहे। इससे गले की खुश्की को नमी मिलती है और अदरक का रास खांसी को कम करता है।

(2) सुखी खासी में गर्म पानी की भूमिका

यह तो आपको पता है की खांसी और उससे होने वाली गले की तकलीफों से निज़ाद पाने का सबसे आसान नुस्खा है गरम पानी के गरारे करना।तो आप सुबह और शाम एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच नमक मिला कर अच्छे से गरारे करने से गले में कष्ट देने वाले कीटाणुओं का नाश हो जाता है और गले को आराम मिलता है।तो आप गरम पानी के गरारे करे।

(3) हल्दी का उपयोग

हल्दी आमतौर पर हर घर में आसानी से मिल जाती है और हल्दी प्राचीनकाल से ही रसोई के साथ-साथ हमारे शरीर के लिए भी उतनी गुणकारी मानी गयी है। यदि आपको सुखी खासी है तो सूखी खांसी के लिए हल्दी बहुत अच्छा इलाज है हल्दी का प्रयोग आयुर्वेद में बहुत समय से होते आ रहा है. हल्दी हमारे सौन्दर्य को निखारने के साथ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है.

(i )आप आधे कप पानी को उबाल लें
(ii )उसमें एक छोटा टुकड़ा हल्दी का दाल ले।
(iii) एक दलचीनी स्टिक और 4-5 काली मिर्च मिलाएं

विधि : अब इन सभी को मिलाने के बाद इसे 3-4 मिनट तक उबालें फिर इसमें एक चमच्च शहद की मिलाये। और फिर इसे दिन में 2-3 बार पियें जब तक आपको आराम न मिल जाए.ये आपकी सुखी खासी में आराम दिलाने में मदद करता है।

(4) मसाले वाली चाय

आप लोग सोच रहे होंगे की मसाले वाली चाय क्या है तो हम आपको बता दे की तुलसी, काली मिर्च, लॉन्ग और अदरक ये ऐसे चार मसाले है जो आसानी से हर घर में मिल जाते है आज आपको इनका उपयोग बताते है की किस प्रकार ये सुखी खासी को ठीक करते है तो
सर्दी का मौसम हो या तेज़ बरसात का मसाले वाली चाय के नाम से मन खुश हो जाता है। सुखी खांसी होने पर तुलसी, काली मिर्च, लॉन्ग और अदरक की बनी मसाला चाय के सेवन से बहुत आराम मिलता है। इसे पिने से गले और सीने का इन्फेक्शन दूर होता है और कुछ ही दिनों में सुखी खांसी से छुटकारा मिलता है।

ध्यान रखें– यदि आपको लंबे समय से खांसी आ रही है और साथ ही बलगम में खून निकल रहा है, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें. जब खांसी दो हफ्ते से ज़्यादा लंबे समय तक बनी रहती है, तब इसका डायग्नॉस्टिक टेस्ट करना महत्वपूर्ण हो जाता है।

उडद दाल के फायदे | Urad Dal Ke Fayde

यह तो आप सभी जानते है की दाल हमारे शरीर के लिए बहुत लाभकारी होती है वैसे ही उड़द एक दलहन होता है और इसका तासीर भी ठंडा होता है। इसलिए उड़द दाल को घी में हींग का छौंक डालकर बनाया जाता है। इसमें जो अनगिनत गुण होते हैं वह न सिर्फ खाना को स्वादिष्ट ही बनाता है व कई तरह के बीमारियों के लिए वरदान जैसा साबित होता है। उड़द दाल में बहुत सारे पौष्टिक तत्व होते हैं जिसके कारण इस दाल को सिर दर्द, नकसीर, बुखार, सूजन जैसे अनेक बीमारियों के इलाज करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

जब धुली हुई दाल आपके पेट में अफारा कर देती है जबकि छिलकों वाली दाल में यह दुर्गुण नहीं होता है सप्ताह में तीन दिन भोजन में उड़द की छिलके वाली दाल का सेवन किया जाए तो यह शरीर को बहुत लाभ करती है और यदि इसमें नींबू मिलाकर खाएँ तो इसका स्वाद बढ़ जाता है और पाचन भी सरल हो जाता है गरम मसालों सहित छिलके वाली दाल ज्यादा गुणकारी होती है।

अगर आपको काम के तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी के वजह से सिरदर्द की शिकायत रहती है तो उड़द का घरेलू उपाय बहुत लाभकारी सिद्ध होगा।50 ग्राम उड़द को 100 मिली दूध में पकाकर उसमें घी डालकर खाने से वात के कारण जो सिर दर्द होता है उससे राहत मिलती है।

पुरुषों के लिए भी है लाभदायक उड़द वीर्य वर्द्धक, हृदय को हितकारी है। यह वात, अर्श का नाश करती है।यह स्निग्ध, विपाक में मधुर, बलवर्द्धक और रुचिकारी होती है। उड़द की दाल अन्य प्रकार की दालों में अधिक बल देने वाली व पोषक होती है। अगर काली उड़द को पानी में 6 से 7 घंटे के लिये भिगो कर उसे घी में फ्राई कर के शहद के साथ नियमित सेवन किया जाए तो पुरुष की यौन शक्ति बढती है तथा सभी विकार दूर होते हैं।

काली उडद को खाने के तेल में गर्म करते है और उस तेल से दर्द वाले हिस्सों की मालिश की जाती है जिससे दर्द में तेजी से आराम मिलता है और इसी तेल को लकवे से ग्रस्त व्यक्ति को लकवे वाले शारीरिक अंगों में मालिश करनी चाहिए इससे जादा फायदा होता है।

उड़द की बिना छिलके की दाल को रात को दूध में भिगो दिया जाए और सुबह इसे बारीक पीस लिया जाए तथा इसमें कुछ बूंदें नींबू के रस और शहद की डालकर चेहरे पर लेप किया जाए तथा एक घंटे बाद इसे धो लिया जाए इस तरह ऐसा लगातार कुछ दिनों तक करने से चेहरे के मुहांसे और दाग दूर हो जाते है और चेहरे में नई चमक आ जाती है।

काली उडद को खाने के तेल में गर्म करते है और उस तेल से दर्द वाले हिस्सों की मालिश की जाती है जिससे दर्द में तेजी से आराम मिलता है और इसी तेल को लकवे से ग्रस्त व्यक्ति को लकवे वाले शारीरिक अंगों में मालिश करनी चाहिए इससे जादा फायदा होता है।

गंजापन दूर करने के लिए उड़द दाल एक अच्छा उपाय है-दाल को उबालकर पीस लिया जाए और इसका लेप रात सोने के समय सिर पर कर लिया जाए तो गंजापन धीरे-धीरे दूर होने लगता है और नए बालों के आने की शुरुआत हो जाती है।

काली उडद को खाने के तेल में गर्म करते है और उस तेल से दर्द वाले हिस्सों की मालिश की जाती है जिससे दर्द में तेजी से आराम मिलता है और इसी तेल को लकवे से ग्रस्त व्यक्ति को लकवे वाले शारीरिक अंगों में मालिश करनी चाहिए इससे जादा फायदा होता है।

प्याज खाने के फायदे | Pyaj (Onion) Khane ke Fayde

प्याज ये जितना छोटा शब्द है इसके उतने ही बड़े फायदे है ये तो आप सभी जानते है प्याज काटना एक बहुत ही मुश्किल काम है यदि आप प्याज से होने वाली इस एक कठिनाई को भूल जाएं तो प्याज सेहत और खूबसूरती का खजाना है.प्याज का उपयोग सब्जी और सलाद खाने में किया जाता है और अधिकतर घरों में इसका रोजाना उपयोग होता है।

आपको बता दे की चूहों पर किए गए वैज्ञानिक अध्ययन के जरिए इस बात की पुष्टि की गई है कि प्याज का रस रक्त शर्करा को नियंत्रित कर सकता है।प्याज में क्रोमियम होता है, जिस कारण यह मधुमेह के मरीजों के लिए फायदेमंद है। साथ ही इसमें सल्फर, क्वेरसेटिन व एंटीडायबिटिक गुण भी होते हैं, जो रक्त शर्करा पर सकारात्मक असर डाल सकते हैं। इसलिए मधुमेह जैसी समस्या से बचने के लिए प्रतिदिन सीमित मात्रा में प्याज का सेवन किया जा सकता है।यदि कोई मधुमेह से ग्रस्त है, तो उसे डायबिटीज की दवा के साथ-साथ प्याज का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

यदि आपको दिल की बीमारी हैं तो प्याज आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है. कोलेस्ट्रॉल दिल को बीमारियों को बढ़ाता है. रोज प्याज खाने से कोलेस्ट्रॉल की समस्या दूर हो सकती है. यह लाल रक्त कोशिकाओं को एक साथ इकट्ठा होने से रोकता है और नसों को भी ब्लॉक होने से रोकता है

अगर कोई इंसान रोजाना दो प्याज खाता है तो उसका सबसे बड़ा फायदा यह है। इससे शरीर को ऐसे तत्व मिलते हैं, जिससे शरीर में विटामिन सी की मात्रा बढ़ती है। शरीर में विटामिन सी की मात्रा बढ़ाने से काफी फायदा होता है और इंसान का शरीर ज्यादा स्वस्थ रहता है।

प्याज के सेवन का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे बालों का रंग डार्क होता है। अगर कोई महिला चाहती है कि उसे बाल गहरे और घने रहे हैं तो ऐसे में उन्हें प्याज का सेवन करना चाहिए। महिलाओं में यह बहुत बड़ी समस्या होती है कि उनके बालों का रंग गहरा कैसा होगा। तो यहां हम आपको बता रहे हैं कि प्याज के सेवन से बाल ज्यादा घने और डार्क हो सकते हैं।

आपको बता दे की प्याज में क्वेरसेटिन नामक तत्व होता है जो सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, क्वेरसेटिन में एंटीहिस्टामाइन नामक गुण भी होता है, जो एलर्जी से लड़ने में आपकी मदद कर सकता है। ऐसा माना जाता है कि अगर खाने में प्याज का इस्तेमाल किया जाए, तो साइनस की समस्या दूर हो सकती है। अगर आप रात के समय कच्चा प्याज खाते हैं, तो उसमें मौजूद सल्फर नामक यौगिक बलगम को बाहर निकालने में मदद कर सकता है।प्याज में एंटीबैक्टीरियल गुण भी होता है। इसके रस का सेवन करने से दांतों को खराब करने वाले और एलर्जी का कारण बनने वाले स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटंस व स्ट्रेप्टोकोकस सोब्रिनस बैक्टीरिया के प्रभाव को कम कर सकता है। इसलिए प्याज खाने से सूजन भी कम किया जा सकता है।

यदि आपकी आंखों की रोशनी कम होने लगी है या आपको दिखना कम हो गया है और आंखों से पानी आने की समस्या है तो आप प्याज के रस में गुलाबजल मिलाकर इसकी कुछ बूंद आंखों में डालें।इससे आपको आराम मिलेगा