Corona virus

The virus has engulfed more than 70 countries. The virus, which affects more than 3 lakh people, is spreading rapidly. Today every citizen of the world is waiting for this virus vaccine, but in the meantime it is also necessary to know how to prevent it. While the government is requesting people to stay in their homes, there are many rumors about the corona virus. Keeping these things in mind, we are trying to make the Corona virus aware through this special article of Stylecrase.

Choose this virus, it spreads through coughing, today along with India many countries have been affected by it, today India has been completely downgraded but still this corona virus is spreading rapidly.

At the same time, if we talk about Novel 2019 Coronavirus (COVID-19), then it came out from Wuhan city of China in late 2019. The virus has been officially named the Severe Acute Respiratory Syndrome Coronavirus 2. It has been identified as the 7th member of the corono virus, affecting humans. The new virus is spreading person-to-person in 70 countries and territories, of which 90% of cases are in China alone. There, more than 6 thousand people have died due to this virus, while millions of people are vulnerable.

The animal-generated corona virus rarely affects humans, but the animal-affected corona virus has also emerged as a new virus infecting humans, such as the novel coronavirus-2019.

From one person to another

When an infected person coughs or sneezes, small droplets come out of his mouth and nose, which can also infect the person sitting near the infected person through the mouth, nose or breath.

Does this virus spread by eating?

Many people are avoiding eating outside, non-veg and Chinese. People believe that this type of food can also spread the virus, but so far no scientific research has confirmed that this type of food can spread it. As we also mentioned above, it can happen from an infected person to a healthy person, so if a healthy person ate the food eaten by or with an infected person, then it can also become infected.

Note: This virus can spread rapidly not only from one person to another, but also from one group to another.

What are the symptoms of corona virus?

Many people may be wondering when the Corona virus should be investigated. After all, what are the symptoms of corona virus? These symptoms may appear 2–14 days after exposure to the virus, which are as follows.

(i) fever
(ii) cough
(iii) respiratory distress
(iv) Fatigue
If someone’s condition is very serious, they may also show symptoms like pneumonia.

How to avoid corona virus?

(i) Use an alcoholic hand sanitizer. Especially, containing at least 60% alcohol.
(ii) Avoid touching your eyes, nose and mouth after coming out or repeatedly.
(iii) After coming from outside, immediately change clothes and wash hands and mouth thoroughly.
(iv) Wash clothes by adding antiseptic liquid to the water.
(v) Maintain a distance of at least 6 feet from the infected person.
(vi) Avoid going to public functions. Stay at home as much as possible.
(vii) Whenever a sneeze or cough comes, cover your mouth and nose with tissue paper and immediately put that tissue in the dustbin.
(Viii) Keep your items clean, which people use most, and clean them with antiseptic liquid.
(ix) Wash vegetables and meat-fish well before cooking, and wash your hands thoroughly after touching raw meat.
(x) Use different chopping boards and utensils for meat-fishes.

How to wash hands well

(i) First wet the hands with water.
(ii) After applying soap, rub your hands together and rub the fingers, palms and back of hands.
(iii) Scrub your hands for at least 20 seconds.
(iv) Then wash hands thoroughly.
(v) After that rinse well with warm water.
(vi) Wash the mouth with a face wash or soap.
(vii) Then wipe the mouth and hands with a clean and soft towel.

 What is the correct way to apply mask?

(i) Before applying the mask, clean your hands with an alcohol-based sanitizer.
(ii) Then cover your nose and mouth with a mask.
(iii) Then check the mask thoroughly to see if there is any gap between the face and the mask after wearing the mask.
(iv) Do not reuse masks once used.

चिया बीज के फायदे | chiya Beej ke phaayade

यह छोटा-सा दिखने वाला चीया बीज असल में गुणों का खजाना है। यह शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ कई बीमारियों के लक्षणों को कम करने में भी सक्षम है। चीया बीज और तुलसी के बीज यानी सब्जा एक ही हैं, लेकिन यह सच नहीं है। चिया बीज को वैज्ञानिक रूप से साल्विया हर्पेनिका के रूप में जाना जाता है।

ये बीज मुख्य रूप से मैक्सिको में पाई जाते हैं। ये बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट और कैल्शियम से भरपूर होते हैं चिया सीड मिंट प्रजाति का होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि कीड़ों को पुदीना पसंद नहीं होता। इसलिए, कीटनाशकों के उपयोग के बिना ही इस पौधे को उगाया जा सकता है।

चिया बीज के एक सर्विंग में पांच ग्राम ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। साथ ही इसमें घुलनशील फाइबर होता है। अगर आप चिया बीज को थोड़ा गीला करते हैं, तो आप उन्हें एक जेल में बदलते देखेंगे – जो घुलनशील फाइबर है। घुलनशील फाइबर के लाभ कई हैं। यह ब्लड शुगर को सही रखता है और यह आंत में अच्छे बैक्टीरिया को पनपने में मदद करता है। अगर आपको हड्डी से जुड़ी कोई परेशानी है, तो यह आपकी हड्डियों के लिए भी लाभकारी है।

चिया सीड में फाइबर मौजूद होता है। इसके सेवन से पेट काफी देर तक भरा-भरा महसूस होगा। ऐसे में कुछ और खाने की इच्छा कम ही होती है, जिससे वजन घट सकता है।

आजकल हम जैसी जीवनशैली जी रहे हैं, उससे वजन बढ़ना आम बात है। बाद में यही बढ़ता वजन कई बीमारियों का कारण बन जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप शुरू से ही वजन पर ध्यान दें। इस काम में चिया सीड आपकी मदद कर सकता है। साथ ही अपनी डाइट पर भी नियंत्रण रखना जरूरी है।

वजन कम करने के लिए आप एक गिलास पानी में एक चम्मच चिया बीज डालकर अच्छे से मिलाएं और कुछ मिनट तक उसे घुलने दें। फिर चिया सीड के फूलने से पहले ही इस पानी का सेवन कर लें।

अच्छी सेहत के लिए दिल का स्वस्थ होना जरूरी है, लेकिन आजकल की रूटीन के कारण किसी को भी कभी भी ह्रदय संबंधी परेशानी हो सकती है। चिया सीड जिसे सुपरफूड की श्रेणी में रखा गया है, उसके सेवन से दिल की बीमारी का खतरा कुछ हद तक कम हो सकता है।चिया सीड में फाइबर मौजूद होता है, जो दिल की बीमारी का खतरा कम करता है। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण दिल के दौरे और अन्य ह्रदय संबंधी परेशानियों के खतरे को कम करता है

अंजीर के फायदे | anjeer ke phaayade

अंजीर भी उन्हीं फलों में से एक है।जो फल के रूप में तो स्वादिष्ट लगते ही हैं, लेकिन सूखने के बाद सेहत के लिए और गुणकारी साबित होते हैं। इसे फल और ड्राईफ्रूट दोनों प्रकार से खाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे पुराने फलों में से एक अंजीर है। अंजीर के बारे में जितनी बात की जाए उतनी ही कम होगी।

अंजीर का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर हो सकती है और पाचन तंत्र अच्छी तरह काम करने लगता है। पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए दो-तीन अंजीर को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह ऐसे ही या फिर शहद के साथ खाएं।अंजीर में फाइबर होने के कारण इसके सेवन से दस्त भी ठीक हो सकते हैं इस प्रकार पेट के लिए अंजीर फायदेमंद है।

अंजीर खाने से रक्त में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम हो सकती है और ह्रदय सही प्रकार से काम करने लगता है। इसलिए, स्वस्थ ह्रदय के लिए अंजीर के कई फायदे हैं।
अंजीर का सेवन करने से भूख कम लगती है, जिससे आप अधिक भोजन करने से बच जाते हैं। अंजीर के सेवन से शरीर में मेटाबॉलिज्म का स्तर बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त वसा भी कम होती है। अंजीर में फिसिन नामक एंजाइम भी होता है, जो भोजन को सही प्रकार से पचाने में मदद करता है।

इससे उन्हें कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, अगर कोई बीमार है या फिर किसी तरह की सर्जरी हुई है, उस अवस्था में भी एनीमिया हो सकता है। इससे बचने के लिए अंजीर को अपनी डायट में शामिल करना चाहिए।अंजीर का फल पेट और ब्रेस्ट कैंसर को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है। अंजीर में फाइबर अधिक मात्रा में होता है, जो पेट में जमा गंदगी को मल के रास्ते बाहर निकाल देता है।

अंजीर के गुणकारी तत्व हड्डियों पर प्रभावी तरीके से काम करते हैं, जिससे उनके टूटने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। इसमें कोई दो राय नहीं कि हड्डियों के लिए कैल्शियम जरूरी है। यही कारण है कि हड्डियों की सेहत के लिए अंजीर खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अंजीर में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

बादाम के फायदे | baadaam ke phaayade

बादाम एक ऐसा ड्राई फ्रूट्स हैं, जो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदे मंद माना जाता है ड्राई फ्रूट्स सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। स्वस्थ आहार के साथ-साथ अगर आप अपनी दिनचर्या में ड्राईफ्रूट्स शामिल करते हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा है।

रोजाना रात को 5 -6 बादाम पानी में भिगो कर रख दे और सुबह उन बादाम को खाये। ऐसा करने से आपका दिमाग तेज काम करेगा। यदि हम रोजाना बादाम का सेवन करते है तो यह ब्लड प्रेशर को भी बढ़ने से रोकता है

बादाम के सेवन से ह्रदय रोग की समस्या भी काम हो जाती है। जो लोग ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान है उनके लिए बादाम एक दवाई के रूप में काम करता है तथा बादाम का रोजाना सेवन करने से ब्लड प्रेशर भी नियंतरण रहता है

बादाम वजन को बढ़ने से रोकता है तथा इससे वजन नियन्तण रहता है। 10 -12 बादाम का सेहन करने से आपका पेट भरा भरा महसूस होगा जिससे आप खाना भी कम खायेगे। व खाना खाने का भी मन नहीं होगा। क्युकी बादाम में फाइबर प्रोटीन होता है जो हमारे पेट को भर देता है

अखरोट के फायदे | akharot ke phaayade

इसमें कोई दो राय नहीं है कि ड्राई फ्रूट्स सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। स्वस्थ आहार के साथ-साथ अगर आप अपनी दिनचर्या में ड्राईफ्रूट्स शामिल करते हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा है।जिनमे से अखरोट एक ऐसा ड्राई फ्रूट्स हैं, जो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदे मंद माना जाता है

अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च की शोध के मुताबिकक, रोजाना कुछ अखरोट का सेवन करने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है

अखरोट दिल को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसमें प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो आपकी हृदय प्रणाली के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा, यह भी पाया गया है कि जिन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या होती है, उनके लिए भी अखरोट लाभकारी होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अखरोट वजन कम करने में अहम भूमिका निभाता है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन व कैलोरी होती है, जो वजन को नियंत्रित रखने में मदद करती है।

अखरोट खाने से आपको सभी तरह के तनाव से राहत मिलती हैं साथ ही अखरोट का सेवन करने बेहद अच्छी नींद हैं अखरोट में मेलाटोनिन होता है, जो बेहतर नींद लाने में मदद करता है 

अखरोट में फाइबर होता है जो आपके पाचन को ठीक रखता है फाइबर युक्त खाने से हमारा पेट सही रहता है और साथ ही हमे कब्ज जैसी बीमारी से भी रहत मिलती है ऐसे में यदि आप रोजाना सुबह अखरोट का सेवन करते हैं तो आप पेट की समस्या और कब्ज की समस्या से रहत पा सकते है

असंतृप्त वसा के साथ संतृप्त बदलें | asantrpt vasa ke saath santrpt badalen

असंतृप्त वसा कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकती है और हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को कम कर सकती है। एक स्वस्थ आहार के हिस्से के रूप में असंतृप्त वसा के साथ संतृप्त वसा को प्रतिस्थापित करना, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के हालिया परामर्श के आधार पर, हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

अच्छे स्वास्थ्य और शरीर के उचित कार्य के लिए वसा महत्वपूर्ण है। हालांकि, इसका बहुत अधिक प्रभाव हमारे वजन और हृदय स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। विभिन्न प्रकार के वसा के अलग-अलग स्वास्थ्य प्रभाव होते हैं, और इनमें से कुछ सुझाव हमें संतुलन को सही रखने में मदद कर सकते हैं:

हालांकि, तीन प्रकार के वसा होते हैं: संतृप्त, असंतृप्त और ट्रांस। यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं और स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो आपको कॉल को प्राथमिकता देनी चाहिए “अच्छी वसा”यह असंतृप्त है। उनके साथ, वजन घटाने के अनुकूल चयापचय को प्रोत्साहित करना संभव है। असंतृप्त वसा, अर्थात्, अच्छी वसा, दो प्रकारों में विभाजित हैं: पॉलीअनसेचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड। इस प्रकार का वसा कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखता है। 

संतृप्त वसा “खराब वसा” है। वे कमरे के तापमान पर जम जाते हैं और रक्त कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। अत्यधिक सेवन से स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप और बढ़े हुए आंत का वसा भी हो सकता है, जो पेट के अंगों और धमनी की दीवार के बीच होता है, जिससे हृदय की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। 

पीले पनीर, अंडे की जर्दी और तले हुए खाद्य पदार्थ खाने से बचें, क्योंकि उनमें भी संतृप्त वसा होती है। तले हुए खाद्य पदार्थ जो घर से दूर खाए जाते हैं, और भी बदतर हो सकते हैं, क्योंकि प्रतिष्ठान अक्सर तेल का पुन: उपयोग करते हैं;

कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थों पर अपने आहार को आधार बनाएं | kaarbohaidret se bharapoor khaady padaarthon par apane aahaar ko aadhaar banaen

हमारे भोजन में लगभग आधा कैलोरी कार्बोहाइड्रेट, चावल, चॉकलेट दूध, सफेद बीन्स, सेब, केले, और रोटी जैसे कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थों से आना चाहिए। हर भोजन में इनमें से कम से कम एक को शामिल करना एक अच्छा विचार है। साबुत अनाज की रोटी, पास्ता और अनाज जैसे साबुत अनाज, हमारे फाइबर का सेवन बढ़ाएंगे।

(i) चावल

(ii) चॉकलेट दूध

(iii) केले

(iv) रोटी

चावल


सफेद चावल चावल का सबसे लोकप्रिय प्रकार है और इसका सबसे अधिक उपयोग किया जा सकता है। सफेद चावल का प्रसंस्करण इसके कुछ फाइबर, विटामिन और खनिजों को कम करता है। लेकिन कुछ प्रकार के सफेद चावल अतिरिक्त पोषक तत्वों से समृद्ध होते हैं। यह अभी भी बोर्ड में एक लोकप्रिय विकल्प है। प्रतिदिन के भोजन में शामिल चावल, शरीर में कॉम्प्लेक्स,  कार्बोहाइड्रेट और विटामिन- बी की आपूर्ति करता है।

चावल को मांड के साथ खाना ज्यादा फायदेमंद होता है । निश्चित तौर से चावल आसानी से पच जाता है, इसलिए डायरिया और अपच होने पर चावल का सेवन करने पेट को आराम मिलता है।आतिसार और पेचिश की समस्या होने पर चावल का प्रयोग गाय के दूध या दही के साथ किया जाता है।

चॉकलेट दूध

चॉकलेट मिल्‍क में कार्बोहाइड्रेट होता है जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिये अच्‍छा होता है, खासतौर पर तब जब आप भारी वजन उठाते हैं। कार्बोहाइड्रेट्स की वजह से आप जिम में ज्‍यादा ताकत के साथ वर्कआउट कर सकते हैं। इमसें मौजूद शुगर एनर्जी को बूस्‍ट करती है।

एक्‍सपर्ट के मुताबिक आपको एक भारी वर्कआउट करने के बाद एक हेल्‍दी पेय जरुर पीना चाहिये। चॉकलेट मिल्‍क ना केवल स्‍वास्‍थ्‍य और पोषण से भरा हुआ होता है बल्‍कि इसमें बहुत कम कैलोरी होती है।

केले

केला मैग्नीशियम का अच्छा स्त्रोत है. यह आपके मूड को तो बेहतर बनाने के साथ ही अच्छी नींद के लिए फायदेमंद होता है.केले में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं. अगर आप रोजाना केले का सेवन कर रहे हैं तो आपकी पाचन क्रिया अच्छी रहेगी.ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी केला खाना अच्छा माना जाता है. हाई बीपी के मरीजों के लिए केला खाना खासतौर पर फायदेमंद हो सकता है.

केले में आयरन की मात्रा भी अच्छी होती है. रोजाना एक केला खाने से एनीमिया का खतरा कम हो सकता है.केला में मैग्निशियम पाया जाता है, जिसकी वजह से केला जल्दी पच जाता है. केला उपापचय को दुरुस्त रखता है और कोलेस्ट्रोल कम करता है.


रोटी

डायबिटीज के रोगियों के लिए बासी रोटी खाना फायदेमंद हो सकता है। अगर आपको डायबिटीज है, तो सुबह के समय बासी रोटी को दूध के साथ खाना फायदेमंद हो सकता है। इससे आपके शरीर में शर्करा का स्तर संतुलित रहेगा।पेट की समस्याओं और एसिडिटी से राहत के लिए भी सुबह के वक्त दूध के साथ बासी रोटी खाना काफी लाभदायक होता है। 

ताजी रोटी की अपेक्षा बासी रोटी अधिक पौष्ट‍िक होती है, क्योंकि लंबे समय तक रखे रहने के कारण इसमें जो बैक्टीरिया होते हैं वे सेहत बनाने में लाभकारी होते हैं। 

कई तरह के खाद्य पदार्थ खाएं।kaee tarah ke khaady padaarth khaen.

विभिन्न प्रकार के स्वस्थ खाद्य पदार्थ खाने से आपको अच्छे स्वास्थ्य और पुरानी बीमारी से बचाने में मदद मिलती है।दैनिक भोजन बच्चों, किशोरों, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग है।क्योंकि विभिन्न खाद्य पदार्थ विभिन्न प्रकार के और महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करते हैं, इसलिए प्रत्येक खाद्य समूह के भीतर से विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों को चुनना महत्वपूर्ण है।

पांच प्रमुख खाद्य समूहों से विभिन्न खाद्य पदार्थ खाएं जो शरीर को विभिन्न पोषक तत्वों की एक श्रृंखला प्रदान करता है।

(i) सब्जियां

(ii) फल

(iii) मछली, अंडे, बीज, बादाम, सेम, ब्रोकोली

(iv) उच्च अनाज फाइबर किस्मों

(v) पनीर, दूध, ज्यादातर वसा कम।

(i) सब्जियां

गाजर

उनमें बीटा-कैरोटीन होता है, एक एंटीऑक्सिडेंट जो गाजर को अपने जीवंत नारंगी रंग देता है और कैंसर की रोकथाम में मदद कर सकता है।

ब्रोकली

एक पशु अध्ययन में, सल्फोराफेन स्तन कैंसर कोशिकाओं के आकार और संख्या को कम करने में सक्षम था, जबकि चूहों में ट्यूमर के विकास को भी रोकता था। ब्रोकोली खाने से अन्य प्रकार की पुरानी बीमारी को भी रोकने में मदद मिल सकती है

ब्रसेल्स स्प्राउट्स

ब्रसेल्स स्प्राउट्स में काएफेरफेरोल भी होता है, एक एंटीऑक्सिडेंट जो कोशिकाओं को नुकसान को रोकने में विशेष रूप से प्रभावी हो सकता है ब्रसेल्स स्प्राउट का सेवन डिटॉक्सिफिकेशन को बढ़ाने में भी मदद कर सकता है।

(ii) फल

सेब

सेब सबसे लोकप्रिय फलों में से हैं, और अविश्वसनीय रूप से पौष्टिक भी होते हैं।सेब में एंटीऑक्सिडेंट गतिविधि को पशु और टेस्ट-ट्यूब अध्ययन में हड्डियों के घनत्व में वृद्धि के साथ जोड़ा गया है। सेब का एक और उल्लेखनीय स्वास्थ्य लाभ उनकी पेक्टिन सामग्री है।

अनार

अनार में एंटीऑक्सीडेंट का स्तर ग्रीन टी और रेड वाइन की तुलना में तीन गुना अधिक दिखाया गया है।अनार के व्यापक स्वास्थ्य लाभ हैं। वे एंटीऑक्सिडेंट और अन्य संयंत्र यौगिकों में अविश्वसनीय रूप से उच्च हैं जो सूजन को कम करने और बीमारी को रोकने में मदद कर सकते हैं।

अनानास

अनानास में ब्रोमेलैन, एंजाइमों का मिश्रण होता है जो अपने विरोधी भड़काऊ गुणों और प्रोटीन को पचाने की क्षमता के लिए जाना जाता है।अनानास विटामिन सी और मैंगनीज में समृद्ध है। इसकी ब्रोमेलैन सामग्री सूजन से लड़ सकती है और कैंसर के खतरे को कम कर सकती है।