पेट में दर्द होने के कारण और उसके इलाज | (pet me dard hone ke Karan aur uske upay) Causes and treatment of stomach ache

आपको बता दूँ की पेट में दर्द की परेशानी ऐसी होती है जिससे व्यक्ति न तो सुकून से बैठ पाता है और न ही कोई काम कर पाता है। और दर्द को कम करने के लिए कई बार लोग बार-बार दवाई लेते हैं जो हेल्थ के लिए अच्छी नहीं है।

पेट दर्द होने के कारण :-
जैसा की आप जानते है की पेट दर्द (Pet Dard) होने के पीछे बहुत तरह के कारण होते है जैसे- खान-पान और जीवनशैली लेकिन इसके अलावा कुछ विशेष बीमारियों के कारण भी पेट में दर्द होता है।

इन सभी कारणों की वजह से शरीर में उपस्थित वात दोष असंतुलित होकर पाचन क्रिया को कमजोर कर देता है और पेट में सुई या कील चुभोने जैसा दर्द होने लगता है। पेट दर्द मुख्यतः वात दोष के असंतुलित होने की वजह से होता है पर वात दोष शरीर में उपस्थित अन्य दो दोष (पित्त और कफ) को दूषित कर देता है। जिसके कारण पेट में जलन किडनी में दर्द होना, अधिक प्यास लगना, जी मिचलाना, पेट में रुक-रुक कर दर्द होना यह सब पित्त व कफ दोष के असंतुलित होने की वजह से होता है।

अदरक में एंटीऑक्सिडेंट गुण पाए जाते हैं, जो पाचन प्रक्रिया को नियंत्रित करने का काम करते हैं और साथ ही पेट में मौजूद अम्ल को भी ये कम रखते हैं। इसके लिए अदरक को पहले बारीक काट लें, फिर उसे पानी में डालकर 3-4 मिनट तक उबालें और उसे छान लें। फिर उसमें थोड़ा शहद मिला दें और थोड़ा-थोड़ा करके दिन में कम से कम 2-3 बार पिएं। इससे पेट दर्द में भी राहत मिलती है और साथ ही साथ पाचन क्रिया भी सुधरती है। 

अदरक
अदरक खराब पेट और अपच के लिए एक सामान्य प्राकृतिक उपचार है। अदरक पेट में मौजूद एसिड को कम रखता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण से पाचन प्रक्रिया सही रहती है।

सौफ
आपको बता दे की अपच के कारण हुए पेट दर्द से जल्दी राहत देने में सौंफ काम आ सकती है। गैस, सूजन आदि लक्षणों से भी राहत देने में मदद करती है।आप पेट दर्द में सौंफ का भी उपयोग कर सकते है।

हींग
पेट में दर्द, गैस या अपच के लिए हींग असरदार है। इसमें मौजूद एंटीस्स्मोडिक और एंटिफलाटुलेंट गुण यह काम करने में मदद करते हैं।

पुदीना
आपको बता दूँ की गैस के कारण होने वाले पेट दर्द को कम करने में मदद करता है। पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है।

दही
आपको जानकर हैरानी होगी की दही में गुड बैक्टीरिया पाए जाते है जो आपके पाचन को सुधारते हैं और अपच में होने वाली तकलीफ को कम करते हैं।

गर्म बोतल
पेट की मांसपेशियों को तब आराम मिलता है जब पेट को गर्म पानी की बोतल से सेंकते हैं। इससे ऐंठन शांत होती है।

यदि आपको पेट दर्द हो तो आप ये सभी तरीके अपना सकते है।

नींबू का कट्टा-मीठा अचार | Lemon Cutta-Sweet Pickle (Nimbo ka katta-mitha achar)

आज हम आप लोगो के लिए नींबू के अचार के कुछ अनोखे फायदे और इसको बनाने के आसान तरीके लेके आये है। नींबू का अचार कई तरह से बनाया जाता है आज हम नींबू का खट्टा मीठा अचार बना रहे हैं नींबू के पारम्परिक अचार की तरह इस अचार की शैल्फ लाइफ भी अधिक है

नींबू का आचार बनाने के लिए जरुरी सामग्री :-
नींबू – 12 (500 ग्राम)
नमक – 3 टेबल स्पून (60 ग्राम)
गुड़ या चीनी – 600 ग्राम
लाल मिर्च – ½ छोटी चम्मच
इलायची – 5
गरम मसाला – 1 छोटी चम्मच
काला नमक – 2 छोटी चम्मच
अदरक पाउडर – 1 छोटी चम्मच

सबसे पहले आप नीम्बू को धोकर दो घण्टे धुप में सूखा कर साफ करके टुकड़ो में काट लें।

उसके बाद आप सभी सूखे मसाले एक साथ तैयार करें। और अजवाइन को साफ कर लें।

अब एक बड़े बर्तन में कटे नींबू और सभी सूखे मसाले डाले।और अच्छे से मिक्स करें।उसके बाद किसी जार या मर्तबान में डाल दें।

25 -30 दिन धूप में रखें।और याद रहे चीनी 20 दिन के बाद डालनी है।और बीच-बीच में जार को हिलाते रहे।आपका खट्टा मीठा नींबू का आचार तैयार है।

अब जब भी आपका मन करे अचार निकाल कर खाएं।

सुझाव:

जिसमें अचार भर कर रखेंगे उसे उबलते पानी से धो लीजिये, और धूप में सुखा लीजिए. कन्टेनर को ओवन में भी सुखाया जा सकता है.
अचार जब भी खाने के लिये निकालें, हमेशा साफ और सूखी चम्मच का प्रयोग कीजिये

दम आलू की सब्जी कैसे बनाये | How to make Dum Potato Vegetable (dam aalu ki sabji kaise banaye)

आप में से बहुत लोगो को दम आलू की सब्जी बहुत अच्छी लगती है और खाने में भी बहुत अच्छा स्वाद आता है। आज में आप लोगो को दम आलू की सब्जी बनाने के तरीके बताने जा रहा हूँ | आलू की सब्जी का अपना ही अलग स्वाद होता है। और इसमें डीप फ्राई किए आलू को आप इलायची, मसाला पेस्ट और दही में डालकर बनाया जाता है।अचानक घर आए मेहमानों को भी आप इस स्वादिष्ट सब्जी को बनाकर खिला सकते हैं।

आपको बता दे की दम आलू की सब्जी को आप खास मौकों पर बना सकते हैं। इसमें आलू को फ्राई करके गाढ़ी मसालेदार ग्रेवी के रूप में तैयार किया जाता है। दम आलू की ग्रेवी को क्रीमी फलेवर देने के लिए इसमें कुछ लोग काजू का पेस्ट भी डालते हैं जिससे इसका स्वाद दोगुना बढ़ जाता है।

आप इसको तंदूरी रोटी और लच्छा परांठे के साथ भी सर्व कर सकते हैं। इतना ही नहीं सर्व करते वक्त आप हरे धनिए से गार्निश करें और थोड़ी क्रीम भी डाल सकते हैं।

(i) सबसे पहले आप आलू के पीस को आधा करके काट लें। तेल में डीप फ्राई करके साइड रख दें।

(ii) उसके बाद कांटे या टूथपिक से आलू में छेद कर लें। और साइड रख दें।

(iii) अब एक कटोरी में सभी सूखे पाउडर मसाले डालें। पानी डालकर पेस्ट तैयार कर लें।

(iv) उसके बाद एक पैन में तेल गर्म करके इलायची डालें।

(v) इलायची डालने बाद आप इसमें पेस्ट डालकर चार से पांच मिनट के लिए चलाएं। इसके बाद इसमें आलू मिलाएं। और साथ ही दही डालें।

(vi) अब इसको पांच मिनट के लिए ढक कर पकाएं।

इस प्रकार आपकी दम आलू की सब्जी तैयार है अब आप इससे रोटी या फिर चावल के साथ गर्मा-गर्म सर्व करें।

सर्दी के गोंद के लड्डू कैसे बनाये / How to make cold gum laddus(sardi me gond)

यह बात तो आप सभी जानते है की सर्दी के दिनों में गर्म चीजों का सेवन करना चाहिए आज में आपको सर्दी में बनने वाले लडडू के बारे में बताते है की किस प्रकार सर्दी के लड्डू बनाने के लिए क्या -क्या सामग्री चाहिये होती है।

सामग्री
(i) 1/2 किलोग्राम गेहूं का आटा (अट्टा)
(ii)1/2 किलोग्राम घी
(iii) 50 ग्राम चीनी या बुरा
(iv) 50 ग्राम बादाम (बादाम)
(v) 50 ग्राम काजू
(vi) 25 ग्राम पिस्ते
(vii) 25 ग्राम फूल मखाना
(viii) 50 ग्राम चिरोंजी
(ix) 50 ग्राम खरबूजे की मींगी
(x) 25 ग्राम खाने वाला गौंद

तरीका:-

सबसे पहले कच्चे गौंद को बारीक पीस कर साइड में रख ले।

खरबूजे की मींगी को बिना तेल या घी के कढ़ाई में भुने

पुरे मखाने को बारीक़ बारीक़ तोड़ कर रख ले

अब काजू बादाम पिस्ते को मिक्सी में मोटा पीस ले

एक कढ़ाई में थोड़ा सा घी डाल कर पिस्से हुए गौंद को सुनहरा होने तक फ्राई करें
अब गौंद को कढ़ाई से बहार निकाले और थोड़ा सा और घी डाल कर पुरे मखानो को फ्राई करें

अब पुरे मखाना को कढ़ाई से बहार निकाले और बचा हुआ सारा घी कढ़ाई में डाले और उसी में आटा मिलाए आटे को सुनहरा होने तक सेके जब तक उसकी खुशबू न आये ध्यान रहे

आटे को धीमी आंच पर सेके

आटे को अच्छी तरह से ठंडा होने दे

ठन्डे आटे में सभी मेवा मिला ले

अब इसमें चीनी मिलाए
अपनी मर्ज़ी के आकार के अनुसार इस के लड्डू बना ले

इस प्रकार आप गोंद के लड्डू बना सकते है।

सर्दियों में त्वचा की देख-रेख कैसे करें (sardiyo me skin care kaise Kare) /How to take care of skin in winter

यह बात तो आप सभी जानते है की सर्दियां आते ही आपकी स्किन का निखार कम होने लग जाता है साथ ही स्किन ड्राई होने शुरू हो जाती है ऐसे में आप सोचते हैं कि स्किन की देखभाल कैसे की जाए और गर्म मौसम के बाद बरसात और अब जल्द ही सर्द मौसम दस्तखत देनें आ गया है।

(i) आपको यह तो पता ही है की सर्दियों में स्किन काफी रूखी और बेजान हो जाती है।इसके लिए जरूरी है कि विटामिन ई का उपयोग किया जाए।चेहरे को साफ पानी से धोएं और रोजाना रात को और दिन में 3-4 बार अच्छा पानी से साफ़ करें।

(ii)आपको बता दे की सर्दियों में साबुन का प्रयोग कम से कम करें।और त्वचा अगर रूखी है तो स्क्रब करना भी बंद कर दें क्योंकि इससे त्वचा पर मौजूद रोम छिद्र तो खुल जाएंगे लेकिन त्वचा भी रूखी हो जाएगी। स्क्रब तभी करें अगर स्किन ऑयली है ताकि इससे स्किन का ऑयल कम हो सके।

(iii) यदि आपको स्किन को कोमल और हेल्दी रखना है तो नारियल तेल का इस्तेमाल करें। नारियल का तेल सिर्फ बालों के लिए ही उपयोगी नहीं है बल्कि इससे रोजाना नहाने से एक घंटे पहले शरीर और चेहरे की मालिश करें और फिर नहाएं। स्किन कभी रूखी नहीं होगी।

(iv) यह तो आप भी जानते है की कई लोगों की स्किन पहले से ही रूखी होती है और सर्दियों में ऐसी स्किन का और बुरा हाल हो जाता है। रूखी स्किन के लिए दूध सबसे बेहतर टॉनिक है। चाहे तो इसे आप किसी फेसपैक में मिलाकर लगा सकते हैं या फिर ऐसे ही दूध को चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथ से मसाज करें।करीब एक घंटे बाद गुनगुने पानी से धो दें। रोजाना ऐसा करेंगे तो कुछ ही वक्त में फायदा देखने को मिलेगा।

(V)यदि आपकी हाथों की स्किन अगर काफी रूखी है तो इसके लिए या तो नींबू और चीनी को घोलकर उसे हाथों पर लगाएं नहीं तो शहद और नींबू को मिलाकर उसे हाथों पर लगाएं और कुछ देर ऐसे ही रहने दें।थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी से धो लें।

कोरोना का फिर सामने आया प्रकोप | Corona outbreak again (CORONA KA KEHAR)

अभी कोरोना से देश ठीक से निकल ही नहीं पाया था की अब जयपुर सहित 8 राज्यों में ही नाईट कर्फु लगाया जा रहा है साथ ही कई जगह तो लॉकडाउन के भी हालत सामने आ रहे है

आज जयपुर में लगा फिर कर्फु जाने किस प्रकार कोरोना के मरीज़ कैसे बढ़ रहे है।

यह उपाय करे चोट लगने पर तुरंत दर्द दूर करे | Do this remedy to relieve pain immediately after injury ( yah upay Kare chot lagne par turant dard dur kare)

जब भी चोट लग जाये या घाव हो जाए तो नीम की ताज़ी पत्तियों को पीसकर रस निकाल लें।इसमें ज़रा-सा हल्दी पाउडर डालें।तवे पर ज़रा-सा घी डालकर गर्म करें। तैयार नीम के रस में रुई के फाहे भिगोएं और इसे तवे पर गर्म करें। जब रुई गर्म हो जाए, तो इसे थोड़ा-सा ठंडा कर घाव पर लगाकर पट्टी बांध लें। जल्द आराम मिलेगा।

साथ ही आप खाने वाली सुपारी को जलाकर राख कर लें। इसे पीसकर शुद्ध घी में मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें और चोट वाले स्थान पर तैयार मलहम लगाएं।

यदि आप किसी चीज से कट गये हो तो आप कटे हुए स्थान से लगातार रक्त बह रहा हो तो एक कपड़े को मिट्टी के तेल में भिगोकर चोट पर बांधें।इससे आपका बहता खून रुक जाएगा।

घाव हो जाने से शुद्ध घी लगाने से भी घाव भर जाता है और जल्दी आराम मिलता है।

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मूली के परांठे कैसे बनाये | How to make radish parathas (MULI KE PARATHE KAISE BANAYE)

यह तो आप सभी जानते है की सर्दियां के दिन शुरू हो गये है और इन दिनों में गरमा-गर्म मूली के पराठे मिल जाये तो बात ही कुछ और है तो अगर इन पराठों में आप सब्जी भरकर बनायें, या सब्जी को आटे में मिलाकर गूंथें, तो पराठे अधिक स्वादिष्ट और स्वास्थ्य वर्धक हो जाते हैं. तो आइये आज हम मूली के पराठे बनाते हैं।

400 ग्राम गेहूं का आटा ले।
स्वादानुसार नमक ले।
2 छोटे चम्मच तेल ले।
3-4 मूली ले।
1 चम्मच हरा धनियां लेवें।
2 बारीक कटी हुआ हरी मिर्च
1 छोटी चम्मच भुना हुआ जीरा लें।
तेल – परांठे सेकने के लिये

सबसे पहले आप मूली को कद्दूकस करके उसमें मसाले मिलाकर परांठे के लिए फीलिंग तैयार की जाती है। इसी फीलिंग को परांठे में भरकर तैयार किया जाता है। मूली का परांठा खासतौर पर सर्दियों में बनाया जाता है। मूली के परांठे को आप दही या फिर अचार के साथ भी खा सकते हैं। इसे बनाना बहुत आसान है सिर्फ 30 मिनट में आप इस बढ़िया परांठे को तैयार कर सकते हैं।

अब आप एक कटोरी आटा सूखा परोथन के लिये बचा लें और बाकी बचे आटे को एक बर्तन में निकाल लें

अब नमक और तेल डाल दें, आटे की मात्रा का आधा पानी लेकर, आटे को नरम गूथ लें. ढककर आधा घंटे के लिये रख दें.

मूली को छीलें,साफ पानी से अच्छी तरह धोलें,और मूली को कद्दूकस कर लें. हरी मिर्च, हरा धनियां, अदरक, जीरा और नमक, मिला दें।

अब आप तवा गैस पर रख कर गरम करें और उसके बाद गूंथे हुये आटे से 2 छोटी छोटी लोइयां तोड़े।

एक लोई को परोथन लगाकर 6-7 इंच के व्यास में पतला परांठा बेल कर एक प्लेट में रख दें. दूसरी लोई को भी इसी तरह, पहले पराठे के आकार के बराबर का परांठा बेल लें. इस दूसरे परांठे के ऊपर, एक टेबिल स्पून मूली कस, भर कर चारों तरफ फैला दें, और पहला बेला हुआ पराठं इसके ऊपर रखें. परांठे को थोड़ा सा हाथ से दबायें, बेलन से बेलकर थोड़ा सा और बढ़ा दें गरम तबे पर चमचे से थोड़ा सा तेल लगायें,

मूली भरे परांठे को तबे पर डालें और मीडियम आग पर, परांठे को पलट पलट कर, ब्राउन होने तक सेकें. प्लेट के ऊपर एक कटोरी रखें, परांठा तबे से उतार कर इस कटोरी के ऊपर रखें। इसी तरीके से सारे परांठे बना लें. आपके मूली के परांठे तैयार हैं.

गरमा गरम मूली के परांठे आलू टमाटर की सब्जी, चटनी और अचार के साथ परोसे और खायें.

मेथी खाने के फायदे | Benefits of eating fenugreek (Methi khana ke Fayde)

जैसा की हम जानते है की हम कई मसालों व खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं, लेकिन हम कसूरी मेथी के फायदों से अनजान होते हैं हालांकि, कसूरी मेथी स्वाद में थोड़ी कड़वी होती है, लेकिन कसूरी मेथी का उपयोग करने से भोजन का जायका बढ़ जाता है। साथ ही इसके गुणों में भी कोई कमी नहीं होती है। फिर चाहे आपको वजन कम करना है या फिर डायबिटीज से छुटकारा पाना है, हर लिहाज से कसूरी मेथी लाभकारी है।

(i) एनीमिया की बीमारी में लाभदायक :

महिलाओं में खून की कमी यानि एनीमिया की बीमारी को अक्सर ही देखा जाता है. इसी समस्या को घर पर ही सही डाइट की मदद से आसानी से ठीक किया जा सकता है. मेथी को अपने खाने का हिस्सा बनाएं. मेथी का सेवन करने से एनीमिया की बीमारी में लाभ मिलता है.

(ii) वजन कम करने के लिए कसूरी मेथी के फायदे :

अगर आप मोटापे का शिकार हैं और वजन कम करना चाहते हैं तो सुबह खाली पेट भीगी हुई कसूरी मेथी का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसमें मौजूद फाइबर जल्दी नहीं पचता और आपकी भूख को कम करता है। इससे आप कम खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जिससे वजन को कम करने में मदद मिल सकती है।

(iii) ब्‍लड शुगर से बचाव :

आपको बता दूँ स्‍वाद में थोड़ी कड़वी मेथी लोगों को डायबिटीज से बचाने के भी काम आती है. एक छोटे चम्मच मेथी दाना को रोज सुबह एक ग्लास पानी के साथ लेने से डायबिटीज में राहत मिलती है. शोधकर्ताओं का मानना है कि कसूरी मेथी टाइप 2 डायबिटीज में ब्लड में शुगर के स्तर को कम करती है।